Tuesday, July 9, 2019

घर पर ही उत्तपम बनाने का आसान तरीका - How To Make Uttapam at Home

💥उत्तपम-एक दक्षिण भारतीय नुस्खा:(Uttapam Receipe In Hindi)

यह एक दक्षिण भारतीय नाश्ता है जो कि गजब का स्वाद देता है ,हालाँकि मुझे ये बहुत पसंद है ,यहाँ तक कि मैं जब भी छुट्टियों में घर जाताहूँ तो उत्तपम जरुर बनवाता हूँ

सर्वप्रथम मैं आपको बताना चाहूँगा कि यह उत्तपम जिसके बारे में हम आज चर्चा क्र रहे हैं ,वो दरअसल रवा अर्थात् सूजी की बनती है , साथ में और भी सामग्री लगती हैं ,जिसके बारें में हम आगे चर्चा करेंगे |

यह एक दक्षिण भारतीय नाश्ता है जो कि गजब का स्वाद देता है ,हालाँकि मुझे ये बहुत पसंद है ,यहाँ तक कि मैं जब भी छुट्टियों में घर जाताहूँ तो उत्तपम जरुर बनवाता हूँऔर बड़े चाव से खाता हूँ ,वो भी मूंगफली के चटनी के साथ या नारियल के चटनी के साथ या मीठी सॉस के साथ ,जो कि सच में ग़जब का होता है | तो आइये बिना देर किये जानते हैं कि इसे हम अपने घरों में कैसे आसानी से बना सकते हैं और इसकी आसान विधि क्या हैं ?

👉सामग्री:

  • सूजी (सूजी / रवा) -1 कप
  • दही / दही -1 कप
  • कटा हुआ प्याज -1 (मध्यम)
  • कटा हुआ टमाटर -1 (मध्यम)
  • हरी मिर्च (कटा हुआ) -2
  • गाजर (कटा हुआ) -1.12
  • हरी मटर ( वैकल्पिक ) -25 ग्राम (कटा हुआ)
  • अदरक (पेस्ट / कद्दूकस) -1/2 टी स्पून
  • धनिया पत्ती (कटी हुई) शिमला मिर्च / बेल पेपर -1 / 2
  • कुकिंग आयल - आवश्यकता अनुसार
  • कढ़ीपत्ता - आवश्यकता अनुसार
  • टेबलस्पून नमक स्वाद के अनुसार
  • पनीर (वैकल्पिक)

 

👉 विधि :

  • एक बड़े कटोरे में रवा, खट्टा दही और नमक लें।
  • धीरे-धीरे पानी (लगभग 1-कप) डालकर चम्मच का उपयोग करके अच्छी तरह मिलाएं, जब तक कि गाढ़ा पानी न हो अर्थात् घोल को अच्छे से मिलायें ,यही सबसे जरुरी बात है। इसे 20 मिनट के लिए अलग रख दें,जिससे वो थोड़ा सा अपने आप में ही फुल जाये।
  • उस घोल में प्याज, शिमला मिर्च, टमाटर, हरी मिर्च, अदरक, धनिया पत्ता और 1 चम्मच तेल डालें।
  • अच्छी तरह से मिलाएं और फिर से रुककरजाँच करें। (रवा / सूजी समय के अनुसार पानी को सोख लेती है और उसके कारण कुछ समय बाद वह घोल और गाढ़ा हो जाता है।) यदि आवश्यक हो, तो अतिरिक्त पानी डालें और यह सुनिश्चित करने के लिए अच्छी तरह से मिलाएं कि इसका गाढ़ापन बना रहे|
  •  मध्यम आंच पर नॉन-स्टिक तवा को रख दें। तवा की सतह पर तेल की कुछ बूँदें डालें और इसे आधा प्याज या आधा आलू का उपयोग करके फैलाएं या आप चाहे तो किसी सूती कपड़े का सहारा ले सकते हैं | यह इसीलिए करते हैं ,जिससे अगली बार जब दुबारा उसपे यह प्रक्रिया दोहराएँ तो वो तवे पर चिपक न जाएँ । ( प्रत्येक रवा उत्तपम बनाने से पहले इस प्रक्रिया का पालन करें )
  • जब तवा मध्यम गर्म हो जाए तो आंच को कम कर दें और एक करछुल भरा हुआ घोल (लगभग 1/2 कप) डालें और इसे उसी करछुल की मदद से तवे पर अच्छे से फैला दें। इसमें लगभग 1/4-इंच की मोटाई और लगभग 5-6 इंच के गोले में होना चाहिए
  • किनारे के आसपास 1-चम्मच तेल के लिए जगह छोड़े रखें ,जिससे बाद में समस्या न हों।
  • पकाते समय ध्यान दें ,कि जब ऊपरी हिस्सा सफ़ेद से आधा सफ़ेद होने लगे और उसका निचला हिस्सा हल्का भूरा ,जिसके लिए कुल 2-3मिनट लग सकता है |
  • उसके बाद इसे धीरे से पलटें और दूसरी तरफ मध्यम आंच पर पकाएं जब तक कि निचली सतह हल्के भूरे रंग की न हो जाए, इसमें लगभग 1-2 मिनट का समय लगेगा।
  • इसे फिर से पलटें और 30 सेकंड के लिए पकाएं। इसे एक प्लेट में परोस दें । अब पूरी प्रक्रिया करने के बाद  टोमैटो केचप या टोमैटो चटनी के साथ,नारियल की  चटनी या मूंगफली की चटनी के साथ गर्मागर्म परोस दें ।
  • अब आप मजे से खायें और पूरे परिवार को भी खुश करें ,अपने इस कला से |

🙏धन्यवाद !!!🙏

Sunday, July 7, 2019

गर्मियों के लिए 5 बेहतरीन स्वस्थ आहार - 5 Best Healthy Diet For Summer

स्वस्थ रहने के उपाय :

आज मैं अपने इस ब्लॉग में आपको 5 बेहतरीन स्वस्थ आहार के बारे में बात करूँगा ,यदि आपको पसंद आयें तो आप उसका अनुसरण कर सकते है ,तो बिना देर किये चलिए आगे बढ़ते हैं...

आप अपनी त्वचा और शारीरिक स्थिति को लगातार समझते रहे , यदि आपथोड़ा भी अस्वस्थ महसूस कर रहे है तो उसके उपचार हेतु तत्काल कार्यवाही करें |

बदलते मौसम के दौरान यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो जाता है कि किस तरह का भोजन करें कि हम अपने आपको स्वस्थ बनायें रखें ,यदि आप इसमें थोड़ा भी लापरवाही दिखायेंगे तो आप भी मोटापे के शिकार ,अस्वस्थ ,कमजोर या अन्य किसी रोग से ग्रसित हो सकते है ,यह भी हो सकता है कि आप उच्च या निम्न रक्तचाप के चपेट में या शुगर के घेरे में भी आ सकते है | अतः आप अपने जीवन को इतने बुरे संकट में न डालें |

आज मैं अपने इस ब्लॉग में आपको 5 बेहतरीन स्वस्थ आहार के बारे में बात करूँगा ,यदि आपको पसंद आयें तो आप उसका अनुसरण कर सकते है ,तो बिना देर किये चलिए आगे बढ़ते हैं....

  • मौसमी फलों एवं हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल कर लें ( Take Seasonal fruits and vegetables in your diet plan)


इन दिनों वास्तव में अधिकांशतः हर जगह पर्याप्त मात्र में सब्जियाँ और फल उपलब्ध रहते हैं | मौसम के आधार पर आप उनका जितना चाहे उतना सेवन कर सकते हैं ,जैसे कि आलू , खीरा , जामुन , संतरा ,आम ,टमाटर ,अजवायन ,जीरा इत्यादि |

  • अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें ( Maintain Hydration of Yourself )


पानी तो हमारे लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है ,यहाँ तक कि बिना इसके तो कुछ भी सम्भव ही नहीं है ,क्योंकि यह आपके शरीर को पुनः ऊर्जा प्रदान करके उसे सक्रिय करने में मदद करता है | इसीलिए आपको नित्य-प्रतिदिन 7 से 12 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए ,जिससे आपके शरीर में पर्याप्त मात्र में नमी बनी रहें |

साथ ही साथ यह भी ध्यान दें कि ज्यादा ठण्डा पानी का सेवन न करें ,इससे आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है |

  • भोजन की मात्र में कमी करें ( Minimise your meal )


गर्मियों के मौसम में आप यह तो जानते ही है कि किसी भी कहने को पचाना बहुत मुश्किल हो जाता है ,इसीलिए आपको इस मौसम में हल्का भोजन करना चाहिए बजाय भारी भोजन के ,जिससे आसानी से पच जाये |

  • ठण्डी चीजों का अधिक सेवन करें (Take more cooling foods)


आपने शरीर को इस तरह के मौसम में ठण्डा रखने के लिए आप ज्यादा से ज्यादा ठण्डे खाद्य या पेय पदार्थों का ही सेवन करें ,जिससे कि हमारे शरीर की पाचन क्रिया पर अत्यधिक दबाव न बनें | जैसे कि अधिक तरबूज ,नारियल पानी ,ककड़ी ,खीरा ,सौंफ का रस इत्यदि |

  • कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय ताजे जूस का सेवन करें ( Take fresh juice instead Cold drinks )


यह मौसम आपको बार-बार प्यासा बनाता है ,जिसके कारण कहीं न कहीं हमें कोल्ड ड्रिंक्स या एनर्जी ड्रिंक्स का सहारा लेना ही पड़ता है ,जो कि हम अच्छी तरह से जानते है कि बहुत नुकसानदायक है ,तो आप इनके बजाय ताजे फल के रसों का सेवन करें ,जो अत्यन्त लाभकारी होगा |

ये सारे स्वस्थ आहार आपको स्वस्थ और खुश रखेंगे ,तो आप इन्हें अपनाएँ और रोग को कहें कि वो अब पास न आयें |

धन्यवाद !!!



Thursday, July 4, 2019

ये 51 विचार जो आपके जीवन को बदल देंगे - Motivational Quotes (#1)

प्रेरक विचार संग्रह ( भाग -१ ):


सफलता हमारा परिचय दुनिया को करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है |

  • वास्तव में इत्र से कपड़ों को महकाना बड़ी बात नहीं हैं, वरन मजा तो तब आयेगा , जब आपके किरदार से खुशबू आये |
  • उड़ने में कोई गलत बात नहीं है , आप भी उड़े ,लेकिन उतना ही उड़े जहाँ से जमीन आपको साफ दिखाई देती हो |
  • जो अपने क़दमों की कुशलता पर यकीं रखते है, वो ही प्रायः मंजिल पर पहुँचते हैं |
  • अक्सर भीड़ हमेशा उस रास्ते पर ही चलती है ,जो रास्ता उन्हें आसान लगता है, लेकिन इसका मतलब यह कदापि नहीं है कि भीड़ हमेशा सही रास्ते पर ही चलती है, आप अपने रास्ते स्वयं चुनें क्योंकि आपको आपसे बेहतर और कोई जान ही नहीं सकता |
  • बीच रास्ते में पहुँचकर लौट आने से  कोई फायदा नहीं, क्योंकि वापस आने पर आपको उतनी ही दूरी तय करनी पड़ेगी, जितनी दूरी तय करके आप अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं |
  • दरअसल सफलता हमारा परिचय दुनिया को बताती  है और असफलता दुनिया का परिचय हमसे  करवाती है |
  • सपने वह नहीं है ,जो हम नींद में देखते हैं, सपने वह है, जो हमको नींद नहीं आने देते |
  • मुसीबतों से भागना नई मुसीबतों को निमंत्रण देने के समान है, जीवन में समय-समय पर चुनौतियों और मुसीबतों का सामना करना पड़ता है एवं यही जीवन का सत्य है | शांत समुद्र में नाविक कभी भी कुशल नहीं बन पाता |
  • विश्वास में वह शक्ति है, जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है, विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इंसान को पत्थर दिल बना सकता | 
  • किसी डिग्री का ना होना दरअसल  फायदेमंद है, अगर आप इंजीनियर या डॉक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है तो आप कुछ भी कर सकते हैं |
  • अपने सपनों को जिंदा रखिए, अगर आपके सपनों की चिंगारी बुझ गई तो इसका मतलब यह है कि आप ने जीते जी आत्महत्या कर ली |
  • मुश्किल वक्त हमारे लिए आईने की तरह होता है, जो हमारी क्षमताओं का सही आभास हमें कराता है |
  • अपने आप को चुनौती देने का प्रत्येक प्रयास अपने आप को जानने के लिए श्रेष्ठ प्रयास है|
  • या तो RISK उठाओ और आगे बढ़ो या फिर RISK न उठाकर अपने लिए खुद एक RISK बन जाओ | 
  • सफलता असफलता तो शब्द मात्र हैं असली मजा तो काम में होता है| 
  • जिस काम में सफल होने की संभावना ज्यादा हो उसको करने पर हम सफल होते हैं लेकिन जिस काम में असफलता की संभावना ज्यादा उसको करने पर हम श्रेष्ठ होते हैं| 
  • अपने डर से दूरी आप को खत्म कर देगी और नजदीक या उस डर को ही खत्म कर देगी फैसला आपका है कि आप किसे चुनते हैं| 
  • जिंदगी एक खेल है यदि तुम इसे खिलाड़ी की तरह खेलते हो तो जीत सकते हो लेकिन यदि दर्शक की तरह देखते हो सिर्फ ताली बजा सकते हो या दुखी हो सकते हो पर जीत नहीं सकते| 
  • आपका आने वाला कल कैसा होगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप आज अपने बारे में क्या सोचते हैं| 
  • अपना लक्ष्य खुद तय करो तुम दोगे फिर उठना फिर उठना फिर उठना मत रुकना मत थकना लगातार चलते हैं ना निश्चित तुम्हारा है| 
  • जीवन को दिशा देने के लिए Purpose का होना उतना ही जरूरी है जितना शरीर के लिए ऑक्सीजन का| 
  • यदि आप जिंदगी में खुश नहीं हो तो दूसरों की खुशी का कारण बनना शुरू कर दो आप अपने आप खुश रहने लग जाओ | 
  • यदि आप अपनी वास्तविक क्षमताओं को बांटना चाहते हो तो जिंदगी में RISK लेना शुरू कर दो| 
  • एक अच्छा लीडर काम के सफल होने की संभावनाएं तलाशता है  एक महान लीडर लोगों में सफल होने की संभावनाएं तलाशता है | 
  • यदि आपने वास्तव में खुद से प्यार करना सीख लिया तो फिर यह संभव ही नहीं है कि आपको यह दुनिया प्यारी ना लगे| 
  • कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं फर्क तो इस से बढ़ता है कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं| 
  • इस जिंदगी से बहुत कुछ मांगने वालों को कुछ भी नहीं मिलता पर इस जिंदगी को कुछ देने वालों को बहुत कुछ मिल जाता है| 
  • आप पर Trust इसलिए नहीं किया जाएगा कि आप कितने वादे करते हैं बल्कि इसलिए किया जायेगा की आप कितने वादे पूरे करते हैं| 
  • हमारा मकसद अपने बच्चे को एक अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए सफल तो वह स्वयं हो जाएगा| 
  • असफलता के डर से अपने सपनों को पूरा ना करने से ज्यादा अच्छा है कोशिश करने के बाद उनका टूट जाना | 
  • सफलता और दर्द का बड़ा गहरा रिश्ता अगर दर्द से सीख ली तो सफलता तय है अगर दर्द से डरे तो असफलता तय है | 
  • आप की सब मुश्किलों के जवाब आपके पास है बस खुद से ही सही सवाल करने की जरूरत है| 
  • हमारे पास दो विकल्प हैं जीवन के अंतिम क्षणों में अफसोस करने का और वर्तमान को खुलकर जीने का फैसला हमें ही करना है | 
  • महान सपने देखने वालों की महान सपने हमेशा पूरे होते हैं| 
  • इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे | 
  • किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे 6 घंटे दीजिए और मैं पहले 4 घंटे कुल्हाड़ी की धार देश करने में लगाऊँगा | 
  • साधारण दिखने वाले लोग ही दुनिया के सबसे अच्छे लोग होते हैं यही वजह है कि भगवान ऐसे बहुत से लोगों का निर्माण करते हैं| 
  • सफलता एक घटिया शिक्षक यह लोगों में यह सूचित कर देता है कि वह सफल नहीं हो सकते| 
  • अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं है जितना कि सीखने की इच्छा न रखना| 
  • तैयारी करने में फेल होने का अर्थ है फेल होने के लिए तैयारी करना| 
  • परिश्रम सौभाग्य की जननी है | 
  • जिसके पास धैर्य है वह जो चाहे वो पाता सकता है | 
  • कोई काम शुरू करने से पहले स्वयं से तीन प्रश्न कीजिए - मैं यह क्यों कर रहा हूं, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊँगा और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जाएं तभी आगे बढ़े| 
  • व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है और अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है | 
  • जैसे ही भय आप के करीब आए उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिए| 
  • कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है अपने जन्म से नहीं| 
  • हमें भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए विवेक व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते है | 
  • जब आप किसी काम की शुरुआत करें तो असफलता से मत डरें और उस काम को नाखून जो लोग इमानदारी से काम करते हैं वह सबसे प्रसन्न होते हैं| 
  • एक उत्कृष्ट बाद जो शेर से सीखी जा सकती है वह यह है कि जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिन और जोरदार प्रयास के साथ करें| 
  • सारस की तरह एक बुद्धिमान व्यक्ति को अपने इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए और अपने उद्देश्य को स्थान की जानकारी समय और योग्यता के अनुसार प्राप्त करना चाहिए| 
  • एक व्यक्ति में कथनी में कम करने में ज्यादा होता है |

धन्यवाद !!!

प्रेरक वक्ता कैसे बनें - How to Become a Motivational Speaker

प्रेरक वक्ता से पहले बेहतर वक्ता बनें:

कल आप को देखते हुए आपके सामने वाला व्यक्ति यदि आप से प्रभावित हो तो उसकी जीवनशैली बदल जाए उसके बोलने का तरीका बदल जाए ,उसके रहने का तरीका बदल जाए,ये सारी चीजें एक प्रेरक वक्ता के अंदर निहित होती है, वह उसे बनाता है और वह उसे अर्जित करता है |

बोलने की शुरुआत करना मुश्किल हो सकता है किन्तु एक बार जब आप ऐसा करते हैं तो यह एक जीवंत और महत्वपूर्ण आनंद का साधन हो जाता है| 

आज मैं आपको कुछ इसी तरह के महत्वपूर्ण बातों को बताऊंगा , अगर आप इनका अनुसरण करते हैं तो निश्चित ही आप एक बहुत अच्छे वक्ता बन सकते हैं लेकिन कुछ भी कहने से पहले एक बात अवश्य कहना चाहूंगा कि कभी भी एक अच्छे वक्ता बनने से पूर्व अच्छे श्रोता होना अत्यंत आवश्यक है| 

जैसा कि आपने देखा होगा ,आपके आस पड़ोस में हर कोई अपनी बात कहना चाहता है तो कोई  कुछ बोलना चाहता है लेकिन कभी किसी की बात सुनना ही नहीं चाहता | इसी कारण से हर कोई आप के आस पड़ोस का यहां तक कि आप भी एक अच्छे वक्ता नहीं बन पाते हैं और बात रही प्रेरक वक्ता बनने की तो एक वक्ता बनने से और भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आप क्या बोलते हैं, क्या कहते हैं ,क्या सुनते हैं, क्या करते हैं |

 कल आप को देखते हुए आपके सामने वाला व्यक्ति यदि आप से प्रभावित हो तो उसकी जीवनशैली बदल जाए उसके बोलने का तरीका बदल जाए ,उसके रहने का तरीका बदल जाए,ये सारी चीजें एक प्रेरक वक्ता के अंदर निहित होती है, वह उसे बनाता है और वह उसे अर्जित करता है |

तो चलिए हम कुछ मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हैं जैसे कि....

👉अपने विचारों को विकसित करें(Develop Your Ideas): 


आप यदि सभी के समान पुराने विचारों को फिर से दोहरा कर, अगर आप सोच रहे हैं कि आप सफल वक्ता बन सकते हैं तो ऐसा संभव नहीं है आपको नए प्रासंगिक वस्तुओं को ध्यान में रखते हुए नए-नए विचारों को कहने की आवश्यकता है जो लोग सुनना चाहते हैं | आपको यह भी ध्यान देना होगा कि जो दूसरे वक्ता है जो आप से बेहतर हैं अर्थात आप से अनुभवी प्रेरक वक्ता हैं , उन में क्या अंतर है, क्या बताएं कि उनसे क्या चीजें छूट गई हैं और क्या हम बेहतर कर सकते हैं | इन सब को ध्यान में रखते हुए अपनी बात कहनी होगी | अपने विचारों को विकसित करके लोगों तक अपना संदेश पहुंचाना होगा| 

अपने संदेश के बारे में सोचने में बहुत समय लगाएं और आप इसे ऐसे तरीके से लोगों में वितरित करें, जो दर्शक को प्रेरित कर दें ताकि उसकी प्रेरक क्षमता नित्य प्रतिदिन बढ़ती रहे |

👉अपने आदर्श दर्शकों की पहचान करें(Identify Your Ideal Audience): 


अब आपको अपने दर्शकों पर बहुत ही अच्छे तरीके से ध्यान देना होगा, यह सोचना होगा कि आप के दर्शक आपके श्रोता गढ़ आपसे क्या सुनना चाहते हैं, आखिर वह कहां पर कमी कर रहे हैं, उसी कमी को आप अपनी मजबूती बनाइए और अपने विचारों के माध्यम से उन्हें संतुष्ट कीजिए ,यह जरुरी नहीं कि आप केवल बातें ही उनसे कहकर आप उन्हें प्रेरित क्र सकते हैं ,यहाँ तक कि आप एक छोटी सी बात बोल कर भी उनके हृदय पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, यदि वह आपसे संतुष्ट होते हैं |

इसलिए स्वयं की समस्याएं बताने के बजाय आप उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उसका समाधान बताने का प्रयास करें और अपनी बातों को बहुत विस्तार में कहने की आवश्यकता नहीं है | आप अपनी बातों को कम से कम शब्दों में ज्यादा प्रभावी तरीके से उनके सामने रखें ताकि ज्यादा समय न लगे ,उन्हें समझने में और ज्यादा व्यर्थ ना जाये आपका समय आपको बताने में | आप वही चीजें बताइए जो आप वास्तव में उन तक पहुंचाना चाहते हैं |

👉अपने तथ्यों का परीक्षण करें(Test Your Content): 


अब बात आती है कि आप जो कहने जा रहे हैं , आपने जो तथ्य तैयार किए हैं , अपनी जो सामग्री साथ लिए हैं उसका अच्छे से परीक्षण कर ले, जिससे बीच में वार्तालाप करने में कोई समस्या उत्पन्न ना हो, आप यह भी देख लें कि आपको किस में से देखकर के कहना है या बिना देखे कहना है, यदि आपके पास पहले से कुछ लिखित रूप में है तो उसमें यह भी देख ले कहीं कोई व्याकरण की गलती तो नहीं है , कहाँ पर प्रश्नवाचक चिन्ह, कहाँ  पर आपका पूरा एक गद्यांश खत्म हो रहा है ,कहाँ पर गद्यांश शुरू हो रहे हैं |  इन सब बातों को ध्यान में रखिए|

मंच पर पहुंचने से पहले इंटरनेट आपको अपनी सामग्री का परीक्षण करने का अवसर देता है, हालांकि ज्यादातर लोगों को चिंता रहती है कि अगर कोई मुफ्त में अपना सबसे अच्छा सामान दे दे तो कोई भी उन्हें नौकरी पर नहीं रखेगा |

लेकिन अगर आप हजारों लोगों को प्रेरित करते हैं या शायद लाखों लोगों को भी, तो आप उनका ध्यान आकर्षित करेंगे और लोग आप से अधिक सुनना चाहेंगे | आप लोगों के बीच में प्रसिद्ध रहेंगे | यह भी एक महत्वपूर्ण जरिया है इस पर भी ध्यान देना होगा |

अपने विचारों को साझा करने के लिए, मूल साझा करने या ब्लॉग शुरू करने के लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग करें | आज के वर्तमान समय में सोशल मीडिया है, जो ऐसी चीज है जहाँ पर आपको बड़े से बड़े कई तरह के दर्शक, सौदागर, प्रेक्षक हर तरह के लोग आपसे सोशल मीडिया पर आसानी से मिल सकते हैं | 
आपको समझ जाएंगे | आपके बारे में थोड़ा भी जानेंगे कि आप सही रास्ते पर हैं यदि आप सुनने के लिए तैयार है तो आप के दर्शक आपको यह भी बताएंगे कि आप क्या सुनना चाहते हैं क्या सीखना चाहते हैं आपके पास सुझाव आएंगे और आपको इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए अपने तथ्यों को उसी हिसाब से बढ़ाना होगा बताना होगा| 

👉बोलने की कला का विकास करें(Gain Speaking Skills): 


वास्तव में वर्तमान समय में बहुत ज्यादा प्रतियोगिताएं हो गई हैं, हर एक कदम पर आपका एक नया प्रतिद्वंदी खड़ा हो जाता है, जो अपने आप को आपसे बेहतर होने के लिए पूर्ण रूप से प्रयास करता है | तो इस पर यह बात निकल कर आती है कि जो अच्छा तथ्य है वह तो एक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अहम भूमिका निभाता है लेकिन आपके संदेश देने का जो तरीका है ,आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले शब्दों से अधिक महत्वपूर्ण है |

यहां तक कि अगर आपको लगता है कि आप पहले से बढ़िया स्पीकर हैं तो एक अच्छा मौका है कि आप कुछ बुरी आदतों को भी जानें जो आपके अन्दर है और उसे सुधारें | आप जानते हैं कि हम ऐसे शब्दों का उपयोग करने के लिए बात करते हैं जिससे आप अच्छा बन सके |

इसके लिए आपको कुछ और बात पर भी ध्यान देना होगा, जिससे आपकी जो बोलने की कौशल है, कला है और भी ज्यादा सुधारी जा सके | उसके लिए एक समूह में शामिल हो, एक संस्थान में जाकर हिस्सा लें या बेहतर संचार को विकसित करने में आपकी मदद करने के लिए एक बोलने वाले कोच को किराए पर ले अर्थात आप उनसे शिक्षा भी ले सकते हैं ,आप उनसे बात कर सकते हैं जो आप से अनुभवी हो | 

आपके पूरे कैरियर को बनाने के लिए छोटे-मोटे स्पीकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं| इसके अलावा अपने आप को एक भाषण देते हुए रिकॉर्ड करें और इसे वापस देखें | अपने आप को देखना काफी मुश्किल काम होता है और दर्दनाक भी हो सकता है ,लेकिन आपके हाथ के हाव-भाव ,बॉडी लैंग्वेज ,बोलने की आदतों के बारे में अधिक जानना महत्वपूर्ण है ताकि आप सुधार कर सकें|
अपनी ही बनाई गयी  वीडियो, अपने ही रिकॉर्ड की गई ऑडियो क्लिप बार-बार सुने ,जिससे आपको अपनी कमियां निकालने का पूरा समय मिल सके, जिससे आप अगली बार कभी भी अपना प्रदर्शन कर रहे हो ,तो इस तरह की कोई भी समस्याओं का सामना ना करना पड़े |

👉नि:शुल्क बोलने का प्रस्ताव दें (Offer to Speak for Free): 


एक बार जब आप लोगों के बीच में थोड़ा बहुत प्रसिद्ध हो जाएँ ,आदर्श दर्शकों के बीच में बोलने में सहज भी हो जायें तो आप मुफ्त में बोलने की पेशकश करें , उन स्थानीय संगठनों तक पहुंचे जो आपकी सामग्री से लाभान्वित हो सकें |

देशभर में कई सम्मेलन होते हैं जो बोलने वालों का भुगतान नहीं करते हैं, उनमें से कुछ वक्ताओं को मुफ्त प्रवेश प्रदान करते हैं , लाइव दर्शकों से बोलने का अभ्यास करने में सहायता के लिए उनके लिए बोलने के लिए आवेदन करें |

कुछ लोग मुफ्त में बोलने के लिए अपने व्यस्त होने का कारण देते हैं और कुछ लोग बोलने के लिए भुगतान की प्रतीक्षा करते हैं जब तक उन्हें अच्छे से पैसे नहीं मिलते, नहीं बोलते, लेकिन जब तक आप मांग में ना हो आप प्रसिद्ध ना हो आप के लोगों में ज्यादा से ज्यादा लोगों की चाहत ना हो तब तक आप निःशुल्क बोलने के लिए तैयार रहिए , इससे ज्यादा से ज्यादा लोग आपको जान सकें ,आपकी कीमत बढ़ सके| 

👉खुद का प्रचार करें(Market Yourself): 


एक बार जब आपको लगे कि आप कहीं भी जाने के लिए तैयार हैं तो खुद की मार्केटिंग शुरू करें, खुद का प्रचार-प्रसार शुरू करें, यदि संभव है तो एक वेबसाइट बनाई जो आपको वक्ता दिखाए , अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में स्पीकर जोड़ें सभी को यह बताएं कि आप जानते हैं कि आप बोलने के लिए काफी इच्छुक हैं किसी भी मुद्दे पर किसी विषय पर अपने विचार रख सकते हैं और यही बोलने का जो मुख्य कारण है यही आपको महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में पूर्ण भूमिका निभाता है |

अपनी सामग्री करते जाएं अपनी रचनाएं , अपने विचारों के बारे में ब्लॉग लिखें ,लोकप्रिय साइटों पर अतिथि पोस्ट में लिखें ,किताबें लिखें | अपने विचारों को दुनिया भर में फैला दें ताकि आप एक विषय के रूप में विश्वसनीयता हासिल कर सकें |

किसी भी कार्यक्रम को आयोजित करने वाले कुछ आयोजक कर्ता होते हैं जो तलाश करते रहते हैं,कि कैसे हमें वक्ता मिल जाए जो कम से कम कीमत पर अपनी अच्छी सी अच्छी बात कह सके ताकि हम उसी बजट में हम लोगों के लिए एक अच्छा सा कार्यक्रम का आयोजन कर सके , तो यदि आप इसी तरह के क्रियाकलाप दिखाते रहेंगे तो ,आपकी भाषणों के फोटोज, मीडिया में आपके क्लिप और आपके व्यव्हार से आपके जो संतुष्ट ऑडियंस है ,वो और लोगों के प्रतियोगिता से आपको आगे आने का मौका दे सकते हैं |

👉बोलने के लिए आवेदन करें(Apply to Speak): 


आपको अपने बोलने की कैरियर की शुरुआत करनी है ,इसके लिए आपको जगह-जगह आवेदन करने के लिए सम्मेलनों में जाएं, जहां तक संभव हो छोटी बड़ी हर प्रकार की संगोष्ठी में हिस्सा लें और लगातार पता करते रहे कि कहां पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं| 

एक समान संदेश वाले अन्य स्पीकर को थोड़े और देखें कि वह कहां बोल रहे हैं ,आप आयोजकों को दिखाने के लिए पहुंच सकते हैं और उनसे भविष्य में होने वाली घटनाओं को ध्यान में रखने के लिए कह सकते हैं यह कह सकते हैं कि भाई अगर कभी भी आगे ऐसी छोटी-मोटी व्यवस्था हो तो आप मुझे भी एक अवसर दीजिएगा | 

इस तरह मेरा कैरियर आगे बढ़ने में आपका सहयोग मिलता रहे ,आपका बोलने का कैरियर जितना बढ़ता है बोलने की अवसरों के लिए आपको उतना ही कम आवेदन करना होगा , आखिर कर लोग आपको तलाश लेंगे और अगर आप अच्छा कर रहे हैं तो स्पीकर ब्यूरो आप का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और वह घटनाओं के लिए एक वक्ता के रूप में आप का विपणन करेंगे , आपके शुल्क का 1% लेंगे लेकिन वह आपको कुछ भुगतान करने वाले लोगों से प्रस्ताव प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं |


धन्यवाद !!!



Thursday, June 27, 2019

बड़ा इमामबाड़ा और भूल-भुलैया - Best Visit Place In Lucknow

लखनऊ का बड़ा इमामबाडा:




बहुत ही अद्भुत है ,आपको कम से कम एक बार तो अवश्य जाना चाहिए ,क्योंकि यह एक धरोहर है और इसी के परिसर में भूल भुलैया भी है ,जिसमे तो गजब कि बनावट और कलाकारी का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलता है अर्थात आप इसमें भटक सकते है ,यदि आपके साथ कोई ऐसा नहीं है जिसे     "भूल भुलैया" के गलियों के बारें में पता हो तो आपको समस्या हो सकती है ,लेकिन कोई बात नहीं ..आप अपने साथियों ,परिवारजनों के साथ जरुर जाये और देखें बड़ा इमामबाडा |





Story:

शायद आपको पता होगा अक्षय कुमार कि एक मूवी "भूल भुलैया" भी इसी पर आधारित है ,जिसमे राजपाल यादव कि कॉमेडी और अक्षय कुमार के बढ़िया किरदार को दिखाया गया है ,इस बड़ा इमामबाडा में बहुत से ऐसे सुरंग है अगर आप उसमे चले जाते है टीओ अप्प अन्दर जी अन्दर लखनऊ से दिल्ली और पता नहीं कहा पहुँच जायेंगे ,लेकिन अब लगभग सभी सुरंगों को बंद कर दिया गया है ,क्योंकि कहते है ,बहुत से लोग इस सुरंग में गए लेकिन आज तक वापस नहीं आये |


तो देर किस बात की ..आप सदा मुस्कुराते रहें ,यही हमारी ईश्वर से प्रार्थना है |
धन्यवाद !!!

 

अपने जीवन के लिए अच्छी पुस्तकों का चुनाव कैसे करें - Study Tips

Best Book For Your life:

चलिए मान लेते है कि आज आप बहुत चिन्ता में डूबे हुए है ,जिसके कारण न तो आप कुछ सोच पा रहे  है और न ही किसी से अपने ह्रदय कि वेदना को व्यक्त कर पा रहे है |

चलो !,ठीक है ,आज हम बात करेंगे कि आपको अपने जीवन में किस पुस्तक को और कितना अहमियत देना चाहिए ?
 ( आपके द्वारा लिया गया एक निर्णय आपके पूरे जीवन को बदल कर रख सकता है )


सर्वप्रथम मैं आपसे जानना चाहुँगा कि आप वर्तमान समय में क्या कर रहे है और क्यों कर रहे है ? यह बड़ा विचित्र सा प्रश्न तो है किन्तु आपको यह प्रश्न स्वयं से भी बारम्बार पूछ करके उस पर चिन्तन करना चाहिए | 

चलिए मान लेते है कि आज आप बहुत चिन्ता में डूबे हुए है ,जिसके कारण न तो आप कुछ सोच पा रहे  है और न ही किसी से अपने ह्रदय कि वेदना को व्यक्त कर पा रहे है |

अपने जीवन के लिए अच्छी पुस्तकों का चुनाव कैसे करें ?

                                                             इस स्थिति में आपको अपनी मनोदशा को समझना होगा कि आप किस कारण से परेशान है ,उसके पश्चात आप कोई ऐसी पुस्तक लीजिए जो उस समस्या के विपरीत में लिखी गयी है ,जैसे अगर आप अपने आपको हारा हुआ मान रहे है तो उस स्थिति में आप सोचिए कि अब हम कैसे जीतेंगे ?
फिर आप किसी प्रेरणादायक पुस्तक को लीजिए और एकान्त स्थान पर बैठकर आप उसे ध्यान और पूरे निष्ठा एवं लगन से उस पुस्तक के पन्नों पर लिखित एक एक शब्द को पढ़ें ,जिससे आपको सकारात्मक उर्जा प्रदान हो और आप जीवन में फिर से  आगे बढ़ जाएँ|
                                                       यदि आप उसी स्थिति में कोई ऐसी पुस्तक का चुनाव करते है ,जो कि नकारात्मक उर्जा को प्रदान करती है ,जैसे "अब मैं मर जाऊँगा ","मेरे जीने का कोई लक्ष्य नहीं ","अब तो सब कुछ बर्बाद हो गया " इत्यादि | 

आधुनिक समय में बाजारीकरण के कारण बाजार में ऐसी बहुत सी पुस्तकें उपस्थित है ,जो मात्र मनोरंजन को ध्यान में रख करके बनाया गया है,जो न तो आपको कुछ सिखा सकती है और न ही हमें आगे बढ़ाने में कारगर सिद्ध हो सकती है | 
                              यह आप पर निर्भर करता है कि आप क्या चाहते है ? आपको अपने जीवन कि नैया अच्छे से पार करना है या उसे यूँ ही डुबो देना है | अन्ततः मैं यही कहना चाहुँगा कि आप दुनिया के बारे में कुछ कहने से पहले स्वयं के बारें में थोड़ी चिन्ता करें और अपने आपको उचित दिशा को और ले चलो फिर दुनिया के "सगुण और दुर्गुण " विचारों पर वार्तालाप करना | 

अगर आप अच्छे स्तर पर रह करके अपनी बात कहते है तो आपको सुनाने वाले लाखों लोग आपके साथ होंगे किन्तु यदि आप बिना किसी स्तर के दुनिया को उपदेश देने लग जायेंगे तो दुनिया आपको "मूर्ख " की उपाधि से सम्मानित करेगी |

                                                
   तो अच्छी पुस्तको का चयन करें और अपने साथ-साथ अपने परिवार वालों ,साथियों ,सगे-सम्बन्धियों को भी इसके लिए प्रेरित करें ,जिससे आप अच्छी -अच्छी बातों को जान सकें और एक सकारात्मक ज्ञान से भरपूर्ण वातावरण का निर्माण कर सकें ,फिर आप बना सकते है अपने साथ-साथ लाखों लोगों का उज्जवल भविष्य |


            अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका ,सहृदय धन्यवाद !!!

Wednesday, June 26, 2019

आपसी रिश्तों को कैसे बनायें रखें - How To Maintain Relationship

Relationship Tips:

आज का विषय है ,आपसी संबंध को कैसे बनाए रखें ?,एक दूसरे से किस तरह से व्यवहार रखें?, एक दूसरे से किस तरह से बात करें?, एक दूसरे से किस तरह मिलन करें?, जिससे हमारे आपसी रिश्ते बने रहे |

रिश्तों के डोर में तो कोई भी लिपट जाता है ,बात तो तब बनती है जब कोई उन रिश्तों की अहमियत को समझता है |
तो चलिए आज हम कुछ मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालेंगे :


आज का विषय है ,आपसी संबंध को कैसे बनाए रखें ?,एक दूसरे से किस तरह से व्यवहार रखें?, एक दूसरे से किस तरह से बात करें?, एक दूसरे से किस तरह मिलन करें?, जिससे हमारे आपसी रिश्ते बने रहे | 
                                            समस्या इस बात से है कि आज की वर्तमान पीढ़ी अपने रिश्तो की अहमियत को समझना भूल गयी है,हर इंसान एक - दूसरे से  कहीं न कहीं दूर होता जा रहा है, उसके पास अपने रिश्तों को  सम्भालने के लिए समय नहीं है, अपने दोस्त से दो पल बात करने के लिए समय नहीं है, अपने परिवार की समस्याओं को समझने के लिए उनके पास समय नहीं है और  अगर किसी एक के पास समय नहीं है दूसरा इस बात से रूठ जाता है कि सामने वाला तो उसे याद ही नहीं कर रहा है ,वह तो अपने धुन में जी रहा है ,अब तो उसके भाव ही नहीं मिल रहे हैं| ऐसी तमाम बातें दूसरे से कर देते हैं |


आइए देखते हैं :

                       सामने वाला आपसे बात नहीं कर पा रहा है तो हो सकता है ,कुछ समस्या हो, हो सकता है वो किसी कार्य में व्यस्त हो गया होगा, आपसे वार्तालाप नहीं कर पा रहा | खैर छोड़िए ,ऐसी बहुत सारी छोटी-छोटी चीजें हैं जो हमारे जीवन के अनमोल पलों को हमसे बड़ी बुरी तरह से गायब कर रही हैं |आपको एहसास नहीं हो रहा है ,जहां तक मेरा मानना है हमें अपने रिश्तो को सम्भालने के लिए कुछ मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देना होगा ,जैसे :


  •  अच्छा मान लीजिए, आपसे आपका कोई दोस्त जो रूठ गया है,  आपका पहला रवैया होता है भाई अगर वह हमसे रूठ गया, वह हमसे बातें नहीं कर रहा है, वह हमसे नहीं मिल रहा है तो भला मैं क्यों मिलूं | यही सबसे बड़ी समस्या है, हम किसी और से नहीं मिल पा रहे हैं और इसके कारण हो सकता है, सामने वाला जो मेरा अच्छा खासा मित्र हुआ करता था ,मेरा सम्बन्धी हुआ करता था, इस बात से नहीं मुलाकात कर रहा है , इस बात से बात नहीं कर रहा है कि मैं उससे बात नहीं कर रहा हूँ , अगर आपका मित्र आपसे रूठ जाता है तो आपका कर्तव्य बनता है कि उसकी समस्या का समाधान हो , यह नहीं कि वह हमसे रूठ गया है तो भाई वो जो भी बातें करें, हमारा क्या जा रहा है? वगैरह-वगैरह |ऐसा कुछ न हो , इस बात पर ध्यान देना होगा |
  • जो दूसरे नंबर पर जो बात आती है वह यह है मान लीजिए किसी दूसरे दोस्त ने आपकी किसी दूसरे दोस्त की बुराई आपके सामने कर दी उसमें तुरन्त आपका रवैया इस तरह से हो जाता है, कि उसने ऐसा किया होगा या नहीं ,बिना एक पल सोचे आप अपना निर्णय ले लेते हैं ,हो सकता है आपका बहुत करीबी मित्र, उसने आपको बहुत ही करीब से , दिल से मानता है , तो किसी के कहने पर आप उससे रूठ क्यों जा रहे हैं?
  •  तो सबसे पहले समाधान क्या है ,अगर आपको किसी समस्या का पता चलता है, आप उसे जाकर मिलें , जिससे आपकी समस्या का समाधान हो सकें अर्थात जिससे समस्या हो उसी से अपनी दिल कि बात विनम्रता से कहें ,दूसरा बन्दा तो आप का मजाक उड़ा कर के निकल जाएगा ,उसी में मजा आएगा कि आप दोनों को एक साथ देख कर परेशान था तो अब उसे खुशी मिलेगी |

" वो कहते हैं ना कि कोई भी इंसान खुद के दुःख से उतना परेशान नहीं है ,जितना कि दूसरों के सुख से "

  • अच्छा ! एक बात और मान लीजिए ,अगर आपका कोई करीबी आप पर गुस्सा करता है, क्रोध करता है ,आपको डांटता है तो आप उस समय प्रतिक्रिया ना दें, आपकी गलती हो या ना हो ,उस समय आप उसे दिमाग से निकाल दें कि ऐसा हमें कुछ कहा गया है या नहीं ,क्योंकि सामने वाले का मस्तिष्क शान्त अवस्था में नहीं है, उसकी चेतना आपकी बातों को समझने के लिए काबिल नहीं है, उस समय भलाई इसी में है कि आप शांत हो जाएं ,सामने वाले का जब क्रोध शांत हो जाएगा ,तब आप उसे उसी विषय पर प्रेम से बात कर लीजिए तो समस्या का समाधान मिल जाएगा |
  • बात यह है कि एक दूसरे के बीच की जो बॉन्डिंग होती है.,एक-दूसरे के बीच जो बंधन होता है ,उसे बहुत मजबूत करना होगा ,ऐसा नहीं होना चाहिए कि थोड़ी सी हवा चली ,थोड़ी सी दो लोगों में अफवाहें फैली तो आपके रिश्ते की जो डोर है, वह दो टुकड़ों में बट जाएँ , ऐसा नहीं होना चाहिए, इसके लिए क्या करना होगा ? अगर कोई समस्या आती है तो उस पर विचार करके ,आपसी सलाह से समाधान को ढूंढना होगा |
  • एक बात यह भी है, मान लीजिए आपका दोस्त किसी गलत कार्य को बढ़ावा दे रहा है तो आप ऐसा ना करें कि वो मेरा  दोस्त है मैं उसका हां में हां मिला लूंगा, ना में  ना करूंगा | ऐसा नहीं है ,आप दोस्त हैं आप उसके मित्र हैं, तो आप का यह कर्तव्य बनता है ,उसे गलत पथ  पर जाने से रोके गलत चीजों से दूर रखें, जो जीवन को बर्बाद कर सकता है साथ ही साथ आपको भी डुबो  सकता है, इसके लिए आपको ध्यान देना होगा |

   सहृदय धन्यवाद !!!